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Tag Archives: India Politics poe

शब्द ढूंढे, अर्थ ढूंढे, सब लगता हे व्यर्थ ढूंढे |
स्वार्थ और निस्वार्थ ढूंढे,सब लगता हे व्यर्थ ढूंढे |
ऊँचे शिखर और गर्त ढूंढे, सत्य ढूंढे , मिथ्य ढूंढे,
कुछ करूंन, कुछ कठोर, कुछ उन्मुक्त ढूंढे |

धुंडी जब भी रोशनी, काल कुरूप अँधेरे संग ढूंढे,
चला समीप जब इन्द्रधनुष के, उसके रंग भी बे-रंग ढूंढे |
जब भी ढूंडा पवितर्ता को, द्वेष, कलह और रक्त ढूंढे,
कुछ धर्म की शाखाओ में बंधे फिर अपने इश्वर असमर्थ ढूंढे ….

ढूंडा नेतृत्व कई बार, उनमे अपने सपने साथ ढूंढे,
जहा भी ढूंडा, कुछ स्वार्थ मानुस हर वक़्त ढूंढे |
जब भी ढूंढे जवाब , मेने फिर तर्क ढूंढे,
ऊँचा होने से पहले ही, मेने फिर कुछ फर्क ढूंढे |

शब्द ढूंढे, अर्थ ढूंढे, सब लगता हे व्यर्थ ढूंढे |

मनीष चोपडा_

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